खुशी तब होती है जब आप क्या सोचते हैं, आप क्या कहते हैं,
और आप क्या करते हैं सदभाव में हैं.कस्तूरबा गांधी
ट्रस्ट रूपी विशाल वटवृक्ष की एक नन्ही शाखा है छत्तीसगढ़ शाखा कस्तूरबा ट्रस्ट महिलाओं की महिलाओं के लिए और महिलाओं द्वारा संचालित संस्था होने के बावजूद छत्तीसगढ़ में ट्रस्ट कार्य का दायित्व गांधी जी के अनन्य अनुयाई श्री शिवदास डागा जी को सौंपा गया था उनके सहयोगी श्री कन्हैया लाल जी लुनिया ने इस सपने को रूपांतरित करने का बीड़ा उठाया और रायपुर से 25 किलोमीटर दूर सारा गांव में 22 फरवरी 1947 को आरोग्य केंद्र की स्थापना के साथ छत्तीसगढ़ में कस्तूरबा कार्य का श्रीगणेश हुआ
राष्ट्रमाता कस्तूरबा गांधी की पुण्यतिथि को संजोए हुए कस्तूरबा गांधी राष्ट्रीय स्मारक ट्रस्ट स्वतंत्र पूर्व कालीन ऐतिहासिक संस्थान है इसकी स्थापना के पास में आजादी की अहिंसक लड़ाई का स्वर्णिम अध्याय है
राष्ट्रमाता की स्मृति को चिरस्थाई बनाने हेतु पंडित मदन मोहन मालवीय सरदार वल्लभभाई पटेल मावलंकर जी सरोजिनी नायडू घनश्याम दास बिरला पंडित नेहरू राजगोपाल चारी जैसे 108 गणमान्य नेताओं ने राष्ट्र को अपील की देशभर के लोगों ने भरपूर प्रतिसाद किया 7500000 राशि का लक्ष्य रखा गया था
कस्तूरबा की आध्यात्मिक शक्ति के बिना महात्मा गांधी अधूरे रहते माता पुतलीबाई में निहित मातृशक्ति का साक्षात्कार उन्होंने कस्तूरबा में भी किया स्त्री व पुरुष में तथा जीवन में हर अंग में मनुष्य मात्र शक्ति अर्थात सत्य करुणा